नई दिल्ली। शेख हसीना सरकार को उखाड़ फेंकने के बाद अब बांग्लादेशी कट्टरपंथियों के निशाने पर सेना प्रमुख वकार-उज-जमान हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेशी सेना में शामिल कई कट्टरपंथी अधिकारी आर्मी चीफ वकार का तख्तापलट करना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि अगर कट्टरपंथियों की साजिश कामयाब होती है तो लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद फैजुर रहमान सेना के नए प्रमुख होंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भी बांग्लादेश में हो रहे इस नए तख्तापलट की साजिश में शामिल है। बांग्लादेश की खुफिया एजेंसी DGFI और ISI ने मिलकर सेना प्रमुख वकार-उज-जमान को हटाने की साजिश रची है।
बता दें कि बांग्लादेश की थल सेना के प्रमुख वकार-उज-जमान को पूर्व पीएम शेख हसीना और भारत सरकार का समर्थक माना जाता है। वकार ने ही 5 अगस्त-2024 को शेख हसीना को बांग्लादेश से निकलने में मदद की थी। वहीं, लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद फैजुर रहमान की बात करें तो उन्हें कट्टरपंथी विचारों के लिए जाना जाता है। रहमान बांग्लादेश और पाकिस्तान से अच्छा संबंध रखने के पक्षधर हैं।
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2024 के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्ते बिगड़े गए। 5 अग्सत को बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना छात्र आंदोलन के हिंसक होने के बाद अपने पद से इस्तीफे देकर भारत आ गई थीं। इसके बाद बांग्लादेश में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन होता है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार देश के कट्टरपंथियों के आगे पूरी तरह से नतमस्तक हो गई। इस वक्त बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का बोलबाला है। पूरे देश में हिंदुओं पर पिछले कई महीनों से जुल्म ढाए जा रहे हैं। कई इलाकों में हिंदू मंदिरों को तोड़ा गया है। बड़ी संख्या में बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदू विस्थापित भी हुए हैं। भारत सरकार कई बार बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को कह चुका है कि वो अपने देश के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
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