नई दिल्ली। पाकिस्तान में एक के बाद एक करके कई आतंकियों का अज्ञात लोगों द्वारा सफाया हो रहा है। अब ईद के मौके पर कराची में हाफिज सईद के एक और करीबी की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। अज्ञात बंदकधारियों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंड जुटाने वाले अब्दुल रहमान का काम तमाम कर दिया गया है।

कौन था अब्दुल रहमान

बताया जा रहा कि अब्दुल रहमान कराची में रहकर लश्कर के लिए फंड की उगाही करता था। उसके एजेंट इलाके से फंड लेकर आते और फिर वह पैसा वो हाफिज सईद तक पहुंचाता था। अब्दुल रहमान पर उस समय हमला किया गया जब वह अपने पिता के साथ था। इस हमले में उसके पिता के साथ-साथ अन्य लोग भी घायल हुए हैं। अब्दुल रहमान मौके पर ही मारा गया।

कौन है अज्ञात

पाकिस्तान पिछले कुछ सालों से आतंकवाद से त्रस्त है। एक तरफ बलूचिस्तान में बीएलए और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ एक-एक करके आतंकियों को मारा जा रहा है। हाफिज सईद के करीबी को निशाना बनाने वाले को न तो किसी ने देखा है और न कोई उसे पहचानता है।

रहमान से पहले मारा गया था नदीम

अब्दुल रहमान से पहले लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष कमांडर जिया-उर-रहमान उर्फ ​​नदीम को पंजाब प्रांत के झेलम इलाके में मार गिराया गया था। नदीम को लश्कर संस्थापक हाफिज सईद का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। वह जम्मू-कश्मीर के पुंछ-राजौरी इलाके में आतंकी गतिविधियों में शामिल था।

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