डेरे के सर्च ऑपरेशन में 10 दिन की देरी, बलात्कारी राम रहीम के कितने गुनाह बचेंगे

डेरा सच्चा सौदा में राम रहीम के गुनाहों के सबूतों को मिटाने के लिए उनके समर्थकों को आज का एक दिन और मिल गया. कल यानि शुक्रवार सुबह से ADGP की अगुवाई में बनी कमेटी जिसमें एक IAS और तीन IPS अधिकारियो के साथ 40 स्वात कमांडो, पैरामिलिट्री फोर्स की 41 कंपनियां और बैंक कर्मचारी की टीम डेरे में दाखिल होगी.

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डेरे के सर्च ऑपरेशन में 10 दिन की देरी, बलात्कारी राम रहीम के कितने गुनाह बचेंगे

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  • September 7, 2017 5:56 pm Asia/KolkataIST, Updated 7 years ago
नई दिल्ली: डेरा सच्चा सौदा में राम रहीम के गुनाहों के सबूतों को मिटाने के लिए उनके समर्थकों को आज का एक दिन और मिल गया. कल यानि शुक्रवार सुबह से ADGP की अगुवाई में बनी कमेटी जिसमें एक IAS और तीन IPS अधिकारियो के साथ 40 स्वात कमांडो, पैरामिलिट्री फोर्स की 41 कंपनियां और बैंक कर्मचारी की टीम डेरे में दाखिल होगी. माना जा रहा है कि डेरे की तलाशी में हुई इस देऱी का राम रहीम के गुर्गो ने फायदा उठा लिया है. गुनाहों के उन तमाम सबूतों से छेड़छाड़ कर दी गई है जिससे राम रहीम पर और कड़ा शिंकजा कस सकता था. 25 अगस्त 2017 के दिन राम रहीम को रेप मामले में दोषी करार दिया गया था. कानून के जानकार मानते हैं कि अदालत का आदेश आने के तुरंत बाद ही ये काम हो जाना चाहिए जिसके लिए दो हफ्ते बर्बाद किए गए.
 
राम रहीम को बेहद करीब से जानने वाले और उसकी हर चाल को समझने और कई मामलों में उसके शिकार बने पूर्व सेवादार हंसराज चौहान ने तो सीधा सीधा कह दिया कि 15 दिन बाद डेरे में पुलिस के घुसने का मतलब होगा कि अय्याशियों और गुनाहों का अड्डा बिल्कुल साफ सुथरा मिलेगा. कानून के जानकार भी यही मानते हैं कि इनते दिनों की देरी तो सबूत मिटाने के लिए बहुत है. देरी पर उठ रहा ये सवाल बड़ा इसलिए भी है क्योंकि हजारों जिंदगियों का सवाल है. राम रहीम पर इस मेहरबानी का खामियाज़ा बहुत से बच्चों, उनके मां बाप, परिवारों को भुगतना पड़ेगा जिनको अभी इंसाफ मिलना बाकी है. सर्च ऑपरेशन तो कल से शुरु होगा लेकिन इन 10 दिनों में राम रहीम के कितने ऐसे लोग गायब हो गए जो राम रहीम के कई गुनाहों का पक्का सबूत हो सकते थे. जिसमें हनीप्रीत और आदित्य इंसा बडे राजदार है. राम रहीम के रसूख का अंदाजा तो उस दिन ही दुनिया को लग गया था जब अदालत में फैसला सुनने जा रहा एक आरोपी इस लाव लश्कर के साथ निकला था. सेना से लेकर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती साफ बयां कर रही थीं कि राम रहीम का खौफ और असर कितना है. साधुओं को नंपुसक बनाने के मामले में राम रहीम पर मुकदमा करने वाले डेरे के पूर्व साधु हंसराज चौहान के वकील तो सीधा ठीकरा हरियाणा सरकार पर ही फोड़ रहे हैं.
 
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वकील नवकिरण सिंह के आरोपों में कितनी सच्चाई है ये तो जांच का विषय है लेकिन कुछ ऐसी चूकें हुई हैं जो कुछ गड़बड़ होने का इशारा करती हैं. राम रहीम की सबसे बड़ी राज़दार हनीप्रीत फरार है. हनीप्रीत से राम रहीम की अय्याशी से लेकर हवाला तक सारे राज़ मिल जाते. डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता डॉक्टर आदित्य इंसा फरार है. राम रहीम पर अंगों की तस्करी के आरोप में आदित्य इंसा बड़ा गवाह साबित होता. इसके अलावा पवन इंसा और दिलावर इंसा भी गायब हैं. डेरे में जमीन से लेकर हत्याओं तक के मामले में ये दोनों राम रहीम का पर्दाफाश कर सकते हैं. इन सभी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है.

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