नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम दुनियाभर में करोड़ों लोग इस्तेमाल करते हैं। अब तक भारत समेत कई देशों में इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग मुफ्त में किया जाता था, लेकिन जल्द ही Meta एक नया सब्सक्रिप्शन मॉडल लागू कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब यूजर्स को इन ऐप्स का विज्ञापन-मुक्त (Ad-Free) अनुभव पाने के लिए मंथली सब्सक्रिप्शन लेना होगा।
Meta ब्रिटेन में ऐड-फ्री सब्सक्रिप्शन मॉडल लाने की योजना बना रही है। यह सेवा उन यूजर्स के लिए होगी जो अपनी फीड में विज्ञापन नहीं देखना चाहते हैं। यूरोपीय संघ (EU) में यह सेवा पहले से ही शुरू की जा चुकी है और अब कंपनी इसे ब्रिटेन में भी लागू करने की तैयारी में है।
Meta का यह कदम कानूनी विवादों से जुड़ा है। 2022 में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट तान्या ओकैरेल ने Meta के खिलाफ 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 12.8 लाख करोड़ रुपये) का मुकदमा दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि Meta उनकी अनुमति के बिना उनके डेटा का उपयोग कर टार्गेटेड विज्ञापन दिखा रही थी, जो यूके के डेटा सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन है। इस मामले में यूके की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने तान्या का समर्थन किया और ऑनलाइन टार्गेटेड ऐड्स के खिलाफ कार्रवाई की वकालत की।
Meta ने 2023 में यूरोपीय संघ में ऐड-फ्री मेंबरशिप सर्विस शुरू की थी। कंपनी ने GDPR (जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन) और डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) जैसे नियमों का पालन करने के लिए यह कदम उठाया था। 2024 में, Meta ने इस सेवा के शुल्क में 40% की कटौती की।
वेब वर्जन पर मंथली सब्सक्रिप्शन की कीमत करीब 554 रुपये है।
iOS और Android पर मंथली सब्सक्रिप्शन की कीमत करीब 739 रुपये है।
फिलहाल भारत में फेसबुक और इंस्टाग्राम का उपयोग मुफ्त में किया जा सकता है, लेकिन अगर Meta इस मॉडल को वैश्विक स्तर पर लागू करता है, तो भारतीय यूजर्स को भी शुल्क देना पड़ सकता है। हालांकि, विज्ञापन जारी रखने वाले यूजर्स को किसी भी तरह का भुगतान नहीं करना होगा।
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