नरसिंहानंद सरस्वती ने पीएम मोदी को खून से चिट्ठी लिखी है। उन्होंने हिंदुओं की रक्षा के लिए महाअभियान चलाया है। नरसिंहानंद ने यह पत्र बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति को देखते हुए लिखा है।
नई दिल्ली। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद अक्सर विवादों में रहते हैं। अब तो उन्होंने हैरान करने वाला काम किया है। नरसिंहानंद सरस्वती ने पीएम मोदी को खून से चिट्ठी लिखी है। उन्होंने हिंदुओं की रक्षा के लिए महाअभियान चलाया है। नरसिंहानंद ने यह पत्र बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति को देखते हुए लिखा है। इस पत्र में बांग्लादेश व पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई के लिए निवेदन किया गया है।
इसी महाकुंभ में मुसलमानों के खिलाफ उन्होंने काफी विवादित बयान दिये हैं और हिंदू राष्ट्र की मांग की है। उन्होंने मुस्लिमों की बढ़ती जनसंख्या के बारे में कहा की अगर ऐसा चलता रहा तो 2035 तक भारत का प्रधानमंत्री कोई मुस्लिम ही बनेगा और आने वाले कुछ वर्षों में 50 प्रतिशत हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवा दिया जाएगा। उन्होंने मिसाइल मैन अब्दुल कलाम के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया और हिंदुओं से 4 से 5 बच्चे पैदा करने का अनुरोध किया। कुछ दिन पहले उन्होंने पैगंबर हजरत मुहम्मद के विरोध में बयान दिया जिससे हंगामा मच गया था। महिलाओं के विरोध में अशोभनीय बयानों के कारण उन पर कई एफआईआर भी दर्ज किए जा चुके हैं। कुल मिलाकर नरसिंहानंद का विवादों से पुराना नाता रहा है।
यति नरसिंहानंद विदेश से पढ़े हैं और नौकरी भी कर चुके हैं। यति नरसिंहानंद का असली नाम दीपेंद्र नारायण सिंह है। उन्होंने मास्को से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और ब्रिटेन व अन्य देशों में काम किया है, जिसके बाद उन्होंने भारत में वापसी की और राजनीति में कदम जमाना शुरू किया। सबसे पहले वह समाजवादी पार्टी से जुड़े और बाद में उन्होंने संतों की गली पकड़ ली। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित डासना शिवशक्ति धाम के महंत हैं। उन्हें लगभग इस मंदिर से जुड़े 20 साल हो गए हैं। यति नरसिंहानंद को 2021 में जूना अखाड़ा का महामंडलेश्वर बनाया गया था।
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