पटना. राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पटना हाई कोर्ट से सोमवार को तगड़ा झटका लगा. हाई कोर्ट ने तेजस्वी को 5, देश रत्न मार्ग स्थित सरकारी बंगला खाली करने का आदेश दिया है. चीफ जस्टिस अमरेश्वर प्रताप शाही और जस्टिस अंजना मिश्रा की बेंच ने यह फैसला सुनाया. तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें बंगला खाली करने को कहा गया था. यह बंगला उन्हें तब आवंटित किया गया था, जब वह बिहार के उपमुख्यमंत्री थे.
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद गुरुवार को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. पिछले साल दिसंबर के पहले हफ्ते में जब अधिकारी और पुलिस टीम तेजस्वी का बंगला खाली कराने पहुंचे थे तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था. पूर्व उपमुख्यमंत्री के वकील ने कोर्ट के कागज दिखाए, जिसके बाद टीम वापस लौट गई. इस पर तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार से पूछा था कि कानून अपना काम करेगा, आप इतने परेशान क्यों हैं.
तेजस्वी ने हमला बोलते हुए कहा था कि नीतीश कुमार के पास खुद के बहुत घर हैं. पटना से लेकर दिल्ली में उनके घर हैं. पहले सीएम ही मकान खाली करें. आरजेडी नेता ने कहा था कि बंगला उस वक्त भी सुशील मोदी के नाम पर आवंटित नहीं था, जब वह पहले उपमुख्यमंत्री थे. हमने बंगला सुशील मोदी से लिया ही नहीं. जब टीम बंगला खाली कराने पहुंची थी तो उन्हें गेट पर एक पर्चा मिला, जिस पर लिखा था कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है. टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही कार्यकर्ता और आरजेडी विधायक भी वहां पहुंच गए और धरना देने लगे.
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