मुंबई: आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई के ऑथर रोड जेल में बंद एनसीपी के सीनियर नेता छगन भुजबल और उनके भतीजे समीर भुजबल पर सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने वीआईपी सुविधा दिये जाने का आरोप लगाया है. इस मामले में अंजलि दमानिया ने जेल के अडिशनल डीजी को पत्र लिखा है. हालांकि, इस मामले में जेल के अडिशनल डीजी ने जांच के आदेश दे दिये हैं.
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने आरोप लगाया था कि छगन भुजबल और उनके भतीजे समीर भुजबल को जेल की अंदर वीआईपी सुविधाएं मिल रही हैं. उनका कहना है कि जेल के अंदर छगन भुजबल और उनके भतीजे समीर भुजबल को फिल्म देखने के लिए टीवी की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा उन्हें सुबह और शाम के वक्त तीन घंटो तक बात करने की सुविधा मिल रही है.
उन्होंने समीर भुजबल पर आरोप लगाया है कि उन्हें नारियल पानी के बहाने वोडका दिया जाता है. अंजलि दमानिया ने जेल के अडिशनल डीजी डॉक्टर भूषण उपाध्याय को पत्र लिखा था. जिसके बाद जेल के अडिशनल डीजी ने जांच कराने का आदेश दे दिया है. जांच की रिपोर्ट 19 मई तक जेल अधिकारियों को देने को कहा है.
बता दें कि महाराष्ट्र सदन के घोटाले में आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में एनसीपी नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल जेल में बंद हैं. ये भी बता दें कि महाराष्ट्र सदन घोटाले को उजागर करने और छगन भुजबल को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने में सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.