नई दिल्ली: देश के मशहूर पहलवान और कोच सुखचैन सिंह चीमा का देर रात हुए एक सड़क हादसे में निधन को गया है. सुखचैन सिंह अर्जुन अवार्ड और द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित हो चुके थे. पटियाला बाईपास पर हुए एक सड़क दुर्घटना में सुखचैन सिंह चीमा की मृत्यु हो गई है. सुखचैन सिंह रुस्तम ए हिन्द केसर सिंह के बेटे थे. सुखचैन के बेटे पलविंदर भी अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं और वे ओलंपिक खेल चुके हैं. सुखचैन सिंह चीमा पटियाला में अपना ट्रेनिंग सेंटर चलाते थे. सुखचैन के निधन से कुश्ती जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. लोगों ने उनके पुत्र पलविंदर सिंह चीमा को सांत्वना दी.
सुखचैन सिंह चीमा ने साल 1974 में तेहरान में हुए एशियाई खेलों में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था. उनकी मौत की खबर मिलते ही काफी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंच गए. उनकी गिनती देश के दिग्गज पहलवानों में की जाती थी. सुखचैन सिंह चीमा ने कुश्ती में भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.
सुखचैन के बेटे पलविंदर सिंह ने कहा कि पटियाला-संगरूर बाईपास पर बुधवार रात को उनके पिता की कार दूसरी कार से टकर हो गई. बाईपास रोड पर एक आल्टो कार से टकराने के बाद उनकी कार नाले में गिर गई थी. दुर्घटना के तुरंत बाद सुखचैन को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें डॉक्टरों ने वहां मृत घोषित कर दिया.पलविंदर सिंह के मुताबिक उनके ताया निर्मल सिंह अमेरिका से आज शाम पटियाला पहुंचेंगे. इसके बाद सुखचैन सिंह चीमा का अंतिम संस्कार शुक्रवार सुबह किया जाएगा.
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