नई दिल्ली: महेंद्र सिंह धोनी, जो भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक हैं, उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में क्षेत्रीय भाषाओं में कमेंट्री की पहल की सराहना की है। उन्होंने खास तौर पर भोजपुरी कमेंट्री की प्रशंसा करते हुए इसे बेहद ऊर्जावान बताया। धोनी का कहना है कि यह कमेंट्री उन्हें पुराने जमाने की रेडियो कमेंट्री की याद दिलाती है, जिसे सुनकर आनंद आता है। गौरतलब है कि भोजपुरी भाषा ने आईपीएल 2023 में पहली बार कमेंट्री के रूप में अपनी जगह बनाई थी।
इस साल, आईपीएल का 18वां सीजन 16 अलग-अलग फीड्स पर लाइव स्ट्रीम किया जा रहा है, जिसमें 12 भाषाओं में कमेंट्री उपलब्ध है। इन भाषाओं में अंग्रेजी, हिंदी, मराठी, हरियाणवी, बंगाली, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, गुजराती और पंजाबी शामिल हैं।
धोनी ने यह भी साझा किया कि उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं में अधिक कमेंट्री नहीं सुनी है, क्योंकि लाइव मैच देखने के दौरान रिप्ले सीमित होते हैं और ज्यादातर कमेंट्री वे अंग्रेजी या हिंदी में ही सुनते हैं। उनका मानना है कि इन भाषाओं में कमेंट्री सुनने से खेल का विश्लेषण बेहतर तरीके से किया जा सकता है। धोनी को अनुभवी कमेंटेटरों की बातें सुनना भी पसंद है, क्योंकि वे पूर्व खिलाड़ी होते हैं और विभिन्न टूर्नामेंटों व देशों में कई मैच कवर करते हैं। उनकी गहरी समझ और अनुभव से खेल को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है।
धोनी का मानना है कि एक खिलाड़ी होने के नाते, वे अपनी टीम की ताकत और कमजोरियों को जानते हैं, लेकिन बाहरी नजरिए से कमेंट्री सुनने से नए विचार मिलते हैं। इससे रणनीति में नए दृष्टिकोण जोड़ने की प्रेरणा मिलती है, जिसे फिर आंकड़ों और विश्लेषण के आधार पर परखा जा सकता है। इसके अलावा, धोनी ने यह भी कहा कि वे हरियाणवी कमेंट्री सुनना पसंद करेंगे क्योंकि यह एक अनोखी शैली होती है। क्षेत्रीय भाषाओं में कमेंट्री से दर्शकों को अपनी मातृभाषा में खेल का अनुभव करने का अवसर मिलता है, जिससे वे खेल से और अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं।
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