पीसीबी के पूर्व अध्यक्ष शहरयार खान ने कहा है कि अफगानिस्तान को अपना पहले टेस्ट पाकिस्तान के साथ खेलना चाहिए था लेकिन अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राजनीतिक फैसला लिया. उनका कहना है अगर अफगानिस्तान हमारे साथ पहला टेस्ट खेलता तो यह ऐतिहासिक मुकाबला होता
नई दिल्ली. अफगानिस्तान का भारत के साथ अपने टेस्ट पदार्पण करने की खबरों से पाकिस्तान बौखला गया है और उसने इच्छा जताई है कि अफगानिस्तान उसके साथ अपना टेस्ट मैच खेले. अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम भारत की मेजबानी में 2019 में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेलेगी. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव अमिताभ चौधरी ने बोर्ड की विशेष आम बैठक के में इसकी घोषणा की थी. पीसीबी के पूर्व अध्यक्ष शहरयार खान ने कहा है कि अफगानिस्तान को अपना पहले टेस्ट पाकिस्तान के साथ खेलना चाहिए था लेकिन अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राजनीतिक फैसला लिया. उनका कहना है अगर अफगानिस्तान हमारे साथ पहला टेस्ट खेलता तो यह ऐतिहासिक मुकाबला होता लेकिन राजनीतिक कारणों से ऐसा नहीं हो सका.
कुछ वक्त पहले काबुल में हुए एक आतंकवादी हमले के बाद अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबधों को रद्द कर दिया है. अब अफगानिस्तान का क्रिकेट बोर्ड पाकिस्तान में स्कूली बच्चों की टीम भी नहीं भेजता है. दोनों देशों के बीच होम एंड अवे के आधार पर सीरीज भी होनी थी लेकिन अब वह भी अधर में है. शहरयार खान को इस बात का मलाल है कि अफगानिस्तान में क्रिकेट का खेल पाकिस्तान के रास्ते से ही पहुंचा लेकिन अब अफगानिस्तान अपना पहला टेस्ट भारत के साथ खेलने जा रहा है. अफगानिस्तान को आयरलैंड के साथ इसी साल टेस्ट टीम का दर्जा दिया गया है.
वहीं बीसीसीआई और पीसीबी के बीच विवाद भी काफी लंबे समय से चल रहा है. दोनों ही देशों के बीच राजनैतिक विवादों के कारण भारत पाकिस्तान के साथ क्रिकेट सीरीज नहीं खेल रहा है. जबकि पीसीबी दोनों देशों के बीच हुए क्रिकेट सीरीज को लेकर हुए अनुबंध का हवाला देकर लगातार सीरीज करवाने की कोशिश कर रहा है. अब तो वह बीसीसीआई के ऊपर केस करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है.
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