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कहीं रेलवे स्टेशन पर ‘लक्ष्मी’ धरी जा रही है

एक तरफ करीब करीब सारा देश कैश के लिए तरस रहा है दूसरी तरफ ऐसे मामले भी ताबड़तोड़ सामने आ रहे हैं जिन्हें देख लगता है कि जैसे नोट आसमान से बरस रहे हैं. जी हां नोटबंदी के बाद से हर रोज़ इतनी बड़ी तादात में दौलत पकड़ी जा रही है कि यकीन तक कर पाना मुश्किल हो रहा है. आइये देखते हैं ये खजाना किसका है?

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  • November 20, 2016 6:02 pm Asia/KolkataIST, Updated 8 years ago
नई दिल्ली. एक तरफ करीब करीब सारा देश कैश के लिए तरस रहा है दूसरी तरफ ऐसे मामले भी ताबड़तोड़ सामने आ रहे हैं जिन्हें देख लगता है कि जैसे नोट आसमान से बरस रहे हैं. जी हां नोटबंदी के बाद से हर रोज़ इतनी बड़ी तादात में दौलत पकड़ी जा रही है कि यकीन तक कर पाना मुश्किल हो रहा है. आइये देखते हैं ये खजाना किसका है?
 
ये देखिये आंखोंपर यकीन करना भी मुश्किल सा हो रहा है. हर तरफ जैसे नोट बरस रहे हैं. देश का कौन सा हिस्सा नहीं है जहां इन दिनों ऐसे ही नोटों की गड्डियां ना पकड़ी जा रही हों.कभी नोटों के बेतहाशा बंडल कार की डिग्गी से बरामद होते हैं तो कभी नोटों की ऐसी सी गड्डियां ट्रकों से बरामद हो रही हैं.दौलत इस तादात में मिल रही है कि पुलिसवाले भी हैरान हैं. लेकिन जनाब ये काला धन है.
 
वो काला धन जो कालाबाजारियों ने भ्रष्टाचारियों ने बरसों तक काले कारनामों से कमाया था. लेकिन पीएम मोदी ने एक रात में इसे रद्दी में तब्दील कर दिया. ये नोट अब मार्केट से बाहर हैं लेकिन काले धन वाले अब भी यकीन करने को तैयार नहीं.वो कोशिश में लगे हैं कि काश किसी तरह ये नोट नए नोटों से बदल जाएं. कहीं खप जाएं और इसीलिए बरसोंसे भ्रष्टाचारियों की तिजोरियों में बंद पड़ा है.
 
ये पैसा अब एक जगह से दूसरी जगह के सफर पर निकल चुका है. और इसी सफर के दौरान ये पैसा लगातार पकड़ा जा रहा है. सबसे पहले ये देखिये.दिल्ली की आनंदविहार चौकी से बाहर निकलते इस पुलिसवाले के हाथ में जो बोरी है उसमें लबालब नोट भरे हैं.नोट भी छोटे मोटे नहीं हजार और पांच सौ के बहुत कम लोग होंगे जिन्होंने एक साथ इतने नोट देखे होंगे.
 
दिल्ली के आनंदविहार बस टर्मिनल पर जब पुलिसवालों ने तलाशी के दौरान ये बोरा पकड़ा तो देखने वालों की आंखें फटी की फटी रह गईं बोरे में कुल 96 लाख रुपये के नोट भरे पड़े थे. लाल टी शर्ट पहने इस शख्स के पास से ही ये दौलत बरामद हुई है. ये दौलत किसी गुप्ता जी ने इसे दी थी इसका काम इन नोटों को गोरखपुर लेकर जाना था जहां इसे किसी तरह व्हाइट करने का प्लान है.

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