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ईद-उल-फितर का क्या है महत्व, भारत में क्यों मनाई जाती है ईद, जानें इस त्योहार के पीछे का इतिहास

ईद उल फितर का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस्लाम के इतिहास में बद्र की लड़ाई को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें पैगंबर मोहम्मद और उनके अनुयायियों ने विजय प्राप्त की थी. इस दिन लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई देते हैं।

Eid ul Fitr 2025
inkhbar News
  • March 31, 2025 11:48 am Asia/KolkataIST, Updated 3 days ago

नई दिल्ली: इस साल भारत में रमजान का आगाज़ 2 मार्च यानी रविवार को हुआ। यहां नया चांद 1 मार्च की रात को देखा गया था। वहीं, सऊदी अरब में रमजान एक दिन पहले, यानी 1 मार्च से शुरू हो चुका था। आज यानी 31 मार्च को ईद की नमाज अदा की गई। सऊदी अरब में ईद की नमाज एक दिन पहले यानी 30 मार्च को पढ़ी गई। आज पूरा देश धूमधाम से ईद का त्योहार मना रहा है। लेकिन क्या आप जानते है ईद क्यों मनाई जाती है और ईद उल फितर का क्या मतलब है.

इबादत और दान का महीना

ईद उल फितर का अर्थ है ‘रोजा खोलने का त्योहार’। बता दें, इस्लाम के इतिहास में बद्र की लड़ाई को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें पैगंबर मोहम्मद और उनके अनुयायियों ने विजय प्राप्त की थी. इसी खुशी में ईद-उल-फितर का आयोजन किया गया था. इसके बाद पैगंबर मोहम्मद के मदीना आगमन के बाद इस्लामिक समुदाय ने पहली बार ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया था.

यह रमजान के समाप्ति का उत्सव है, जो इबादत, दान और आत्म-ज्ञान का महीना माना जाता है। इसे इस्लाम की पांच प्रमुख शिक्षाओं में से एक माना जाता है और इसे आभार, पुरस्कार और आनंद के रूप में पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। ईद उल फितर इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसे रमजान के पवित्र महीने के बाद मनाया जाता है। यह त्योहार भाईचारे, दान और खुशियों का त्योहार है।

अल्लाह से मांगते हैं दुआ

इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद उल फितर मनाया जाता है। इस खास त्योहार की सुबह नमाज पढ़ी जाती है। इस त्योहार में हजारों लोग एक साथ अल्लाह से दुआ मांगते हैं। इस बार रमजान की शुरुआत 2 मार्च से शुरु हुई थी। 30 जनवरी को देश में पूरा चांद दिखा, इसलिए 31 मार्च यानी आज ईद मनाई जा रही है।

ईद का चांद

इस दिन लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई देते हैं। साथ ही ईद उल फितर को मीठी ईद भी कहा जाता है। इस दिन सेवइयां और कई तरह के व्यंजन खाए जाते हैं । भारत में पिछले साल 10 अप्रैल को ईद का चांद दिखाई दिया था। 2024 में सऊदी अरब में 9 अप्रैल को चांद देखा गया, जिसके बाद 10 अप्रैल को ईद-उल-फितर की नमाज पढ़ी गई। वहीं भारत में 10 अप्रैल को चांद दिखा था और 11 अप्रैल को ईद की नमाज अदा की गई थी।

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