नई दिल्ली: 29 मार्च 2025 यानी आज साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही आज शनिवार के दिन अमावस्या भी पड़ रही है, जिससे इस ग्रहण का प्रभाव और अधिक बढ़ गया है। इस दौरान ग्रहों के कई दुर्लभ योग भी बनने वाले हैं, जो 57 वर्षों के बाद बन रहे हैं। लेकिन कितने बजे लग रहा है यह ग्रहण और सूतक काल से लोगों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, आइए जानते हैं।
सूर्य ग्रहण का समय
भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण दोपहर 2:21 बजे शुरू होगा और शाम 6:14 बजे समाप्त होगा। इसके अनुसार ग्रहण का समय कुल 3 घंटे 53 मिनट तक रहेगा। इस दिन सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र, राहु और शनि एक ही राशि में स्थित होंगे, जिससे षष्टग्रही योग बनेगा। इसके अलावा पिशाच योग, विष योग, बुधादित्य योग, शुक्रादित्य योग और लक्ष्मी नारायण राजयोग का भी निर्माण होगा।
सूतक काल का प्रभाव
हालांकि 29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, उत्तरी एशिया, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी ध्रुव और अटलांटिक महासागर में नजर आएगा। इसलिए भारत में इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा और सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। बता दें, ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू होता है, जो कि किसी भी शुभ काम के लिए उचित नहीं माना जाता।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
क्या न करें
गर्भवती महिलाएं इस दौरान घर से बाहर जाने से बचें।
बुजुर्ग और बीमार लोग विशेष रूप से सतर्क रहें।
ग्रहण के दौरान धारदार वस्तुओं का उपयोग न करें।
क्या करें
ग्रहण काल में मंत्र जाप, ध्यान और पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है।
इस दौरान मंत्र सिद्धि और दीक्षा लेना विशेष लाभकारी होता है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर दान करना पुण्यदायी माना जाता है।
हालांकि भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई न देने पर इसका यहां के लोगों पर कोई भी नकारातमक प्रभाव नहीं पड़ेगा और मंदिर के कपाट भी अपने समय अनुसार ही खुलेंगे।
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