Gupt Navratri 2018: साल में नवरात्र दो बार आते हैं. लेकिन आषाढ़ और माघ में भी दो बार गुप्त नवरात्र होते हैं. इन नवरात्र में तंत्र साधना के लिये पूजा अर्चना की जाती है. गुप्त साधना के लिये शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के अनुसार पूजा की जाती है. गुप्त नवरात्र विशेष रूप से उत्तर भारत के कई राज्यों में मनाये जाते हैं.
नई दिल्ली. हिंदू धर्म में नवरात्र का महीना बेहद पावन माना जाता है. इस महीने में कहा जाता है कि स्वर्ग का दरवाजा खुला होता है. नवरात्र साल में दो बार आते हैं. लेकिन इसके अलावा दो गुप्त नवरात्रे आते हैं. जिनमें से एक होते हैं माघ गुप्त नवरात्रे और दूसरे नवरात्र आते हैं आषाढ़ में. कहा जाता है कि गुप्त नवरात्रि मां भगवती को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा अवसर माना जाता है. नवरात्र के दौरान साधक विभिन्न तंत्र विद्याएं सीखने के लिए मां भगवती की विशेष पूजा करते हैं. गुप्त नवरात्र में तंत्र साधना का खास महत्व होता है.
गुप्त नवरात्र की यहां होती है खास पूजा
वैसे तो नवरात्रों की धूम देश भर में होती है. लेकिन गुप्त नवरात्र उत्तर भारत हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड के आस पास के क्षेत्रों में धूमधाम से मनाये जाते हैं. गुप्त नवरात्र में भी मां भगवती के नौ रूपों की पूजा की जाती है. गुप्त नवरात्र में विशेष रूप से पूजा तंत्र साधना वाले करते हैं. तंत्र साधना करने के लिये इन नौ दिनों का खास अहमियत हुई है. ज्योतिषी के अनुसार इन नौ दिन पूजा करने से मां भगवती खुश होकर मन मांगा वरदान देती हैं.
गुप्त नवरात्र 2018 पूजा विधि
साधारण नवरात्र की तरह इन नवरात्रों में भी पूजा पाठ और पूजा सामाग्री का खास महत्व होता है. गुप्त नवरात्र में भी सबसे पहले घट व कलश स्थापना की जाती है. लेकिन साधारण नवरात्रों और इन नवरात्रों में सबसे बड़ा होता है पूजा समय का. इन नौ दिन विशेष रूप से रात्रि में पूजन किया जाता है. तांत्रिक शक्तियों को बढ़ाने के लिए पूजन किया जाता है. इस काल में नौ दिन पूजा पाठ करने के बाद अष्टमी और नौवमी के दिन कन्याओं को भोज करवाते हैं.
गुप्त नवरात्र 2018
माघ गुप्त नवरात्र 18 जनवरी 2018 से लेकर 26 जनवरी 2018 तक.
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