कुलदीप बिश्नोई: चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई आज बीजेपी में शामिल हो गए। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित भाजपा मुख्यालय में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें पार्टी सदस्यता दिलाई। इस दौरान बीजेपी के कई बड़े नेता मौजूद रहे। कुलदीप बिश्नोई के साथ […]
चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई आज बीजेपी में शामिल हो गए। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित भाजपा मुख्यालय में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें पार्टी सदस्यता दिलाई। इस दौरान बीजेपी के कई बड़े नेता मौजूद रहे। कुलदीप बिश्नोई के साथ उनकी पत्नी पूर्व विधायक रेणुका बिश्नोई भी बीजेपी में शामिल हो गई हैं। माना जा रहा है कि उनका बीजेपी में शामिल होना हरियाणा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।
बता दें कि जून माह में हुए राज्यसभा चुनाव में बिश्नोई के ‘क्रॉस वोटिंग’ करने के बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था। जिसके बाद हरियाणा के हिसार जिले की आदमपुर सीट से विधायक बिश्नोई ने बुधवार को हरियाणा विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अब ये बीजेपी तय करेगी कि आदमपुर से उपचुनाव कौन लड़ेगा, लेकिन वो और उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगो की मांग है कि उनके बेटे भव्य बिश्नोई वहां से चुनाव लड़ें।
गौरतलब है कि दो बार सांसद और चार बार विधायक रहे कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व से पहले ही नाराज चल रहे थे। इस साल की शुरुआत में ही कांग्रेस की हरियाणा इकाई का अध्यक्ष नियुक्त ना किए जाने के बाद उन्होंने बगावती तेवर अपना लिए थे। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत भजनलाल के छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई ये दूसरी बार कांग्रेस से नाता तोड़ रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने पार्टी छोड़ी थी। जिसके बाद करीब छह साल पहले वो दोबारा कांग्रेस से जुड़े थे।
हरियाणा विधानसभा के साल 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर कुलदीप बिश्नोई और उनके पिता भजनलाल ने कांग्रेस छोड़कर 2007 में हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) नाम से अपनी पार्टी बना ली थी। हजकां ने बाद में भाजपा और दो अन्य दलों के साथ गठबंधन कर लिया था और 2014 का लोकसभा चुनाव साथ में लड़ा था। हालांकि इसके बाद विधानसभा चुनाव से पहले ये गठबंधन टूट गया था। बाद में फिर वो कांग्रेस से जुड़ गए थे।