भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र भीमा कोरेगांव हिंसा के पीछे गुजरात के निर्दलीय विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू छात्र उमर खालिद को जिम्मेदार बता रहा है लेकिन मोदी कैबिनेट में मंत्री और महाराष्ट्र के दलित नेता रामदास अठावले ने मेवाणी का बचाव किया है.
मुंबई. पुणे के नजदीक भीमा कोरेगांव में सोमवार को भगवा ब्रिगेड द्वारा किए गए हमले के बाद मंगलवार को महाराष्ट्र के कई इलाकों में दलित संगठनों ने प्रदर्शन किया. डॉ. भीमराव आंबेडकर के पोते और एक्टिविस्ट प्रकाश आंबेडकर सहित आठ संगठनों ने बुधवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है. घटना के पीछे गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू छात्र उमर खालिद को जिम्मेदार बता रहा है लेकिन मोदी कैबिनेट में मंत्री और महाराष्ट्र के दलित नेता रामदास अठावले ने मेवाणी का बचाव किया.
रामदास आठवाले ने कहा है कि हर साल दलित लोग ये कार्यक्रम करते हैं, जिसमें लाखों लोग आते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं. ऐसे में जांच के बाद ही ये पता लग पाएगा कि इस हिंसा के पीछे कौन लोग हैं. इस दौरान अठावले ने गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी का बचाव किया. उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे जिग्नेश नहीं हैं. अपनी दलील में अठावले ने कहा, ‘जिग्नेश मोदी जी के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन इस घटना में उनका हाथ नहीं है
बता दें कि 1 जनवरी को इस जश्न से पहले क्षेत्र में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. जहां मेवाणी और उमर खालिद ने भाषण दिया था. अपने भाषणों में दोनों ने दलितों पर अत्याचार के लिए बीजेपी और आरएसएस की आलोचना की थी. हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बाद मंगलवार देर शाम पुणे के दो युवाओं जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के खिलाफ लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद ने कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था.