Arun Jaitley Death: पू्र्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार दोपहर करीब सवा 12 बजे निधन हो गया. उन्होंने दिल्ली के एम्स अस्पताल में गहरी सांस ली. 66 साल के अरुण जेटली पहली नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त मंत्री रहे थे. इससे पहले 6 अगस्त को बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का भी देहांत हो गया था. सुषमा स्वराज भी नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री रही थीं. इन दोनों नेताओं ने बीजेपी नीत एनडीए सरकार में महत्पूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी. इस महीने दो बड़े नेताओं के जाने से भारतीय जनता पार्टी को भारी नुकसान हुआ है.
नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार दोपहर निधन हो गया. गंभीर बीमारी के चलते जेटली 66 साल की उम्र में चल बसे. उन्होंने दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में दोपहर 12 बजकर 7 मिनट को अंतिम सांस ली. अरुण जेटली के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है. साथ ही बीजेपी ने एक बड़ा नेता खो दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी अरुण जेटली के देहांत पर गहरा शोक व्यक्त किया है. इस महीने में अपने दो बड़े नेताओं के जाने से बीजेपी को बड़ा नुकसान हुआ है. बीते 6 अगस्त को पूर्व विदेश मंत्री और पार्टी की वरिष्ठ नेत्री सुषमा स्वराज का भी निधन हो गया था. उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी लेकिन हार्ट अटैक के चलते उनकी अचानक मृत्यु हो गई.
जेटली-सुषमा पहली मोदी सरकार में सीसीएस के सदस्य थे-
अरुण जेटली और सुषमा स्वराज, दोनों नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में प्रमुख पदों पर रहे. अरुण जेटली ने वित्त मंत्रालय संभाला तो सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्रालय का कामकाज देखा था. साथ ही दोनों नेता उस दौरान सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति यानी सीसीएस (Cabinet Committee on Security) के सदस्य थे. यह समिति देश के सुरक्षा मामलों पर अहम निर्णय लेती है.
नरेंद्र मोदी सरकार में अरुण जेटली ने संभाला था वित्त मंत्रालय का काम-
अरुण जेटली ने वित्त मंत्री रहते हुए पहली मोदी सरकार में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकांक्षाओं के अनुरूप काम किया था. बीजेपी नीत एनडीए सरकार की नीतियों को उन्होंने धरातल पर लाने का काम किया. हालांकि सरकार का कार्यकाल पूरा होने के आखिरी महीनों में उनकी तबियत खराब हो गई थी और पिछले साल पीयूष गोयल ने वित्त मंत्रालय का प्रभार संभाला था.
बतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का कार्यकाल को हमेशा याद किया जाएगा-
पहली मोदी सरकार में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज भी सभी की उम्मीदों पर खरी उतरीं. सुषमा स्वराज का बतौर विदेश मंत्री का कार्यकाल यादगार रहेगा. वे ट्विटर पर हमेशा एक्टिव रहती थीं और वहीं से लोगों को हरसंभव मदद करती थीं. उन्होंने विदेश में रह रहे कई भारतीयों की मदद की. कुलभूषण जाधव मामले को अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में लेकर जाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी.
एक ही महीने में बीजेपी के दो रत्न दुनिया से चल बसे-
नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में महत्वपूर्ण पदों पर रहे ये दोनों नेता एक के बाद एक दुनिया छोड़कर चले गए. इससे बीजेपी को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. क्योंकि इन दोनों की जगह पार्टी में कोई नहीं ले सकता. हालांकि इस साल हुए लोकसभा चुनाव के बाद जब बीजेपी ने फिर प्रचंड बहुमत से केंद्र में सरकार बनाई तो अरुण जेटली और सुषमा स्वराज ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया. अरुण जेटली पहले से बीमार थे इसलिए वे सरकार में शामिल नहीं हुए. दूसरी तरफ सुषमा स्वराज ने भी चुनाव से पहले संकेत दे दिए थे कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगीं और सरकार में नहीं आएंगी.