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आसमान से आने वाली है बड़ी तबाही, परमाणु बमों से भी ताकतवर चट्टान मुंबई का कर देगा विनाश, मचेगा हाहाकार!

अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के मुताबिक 22 दिसंबर 2032 को करीब 300 फीट का एस्टेरॉयड YR4 धरती से टकराएगा. 17 किमी प्रति सेकेंड की रफ्तार से 300 फीट का चट्टान मुंबई में गिर सकता है, जो पूरे शहर को खत्म कर देगा। इसका मंजर कैसा दिखेगा, वो एनिमेशन भी यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के साइंटिस्ट डॉ. डेविड रैंकिन ने बता दिया है।

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inkhbar News
  • February 22, 2025 10:00 am Asia/KolkataIST, Updated 1 month ago

मुंबई। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के मुताबिक 22 दिसंबर 2032 को करीब 300 फीट का एस्टेरॉयड YR4 धरती से टकराएगा। इसका असर भारत के मुंबई-कोलकाता जैसे शहरों पर पड़ सकता है। 17 किमी प्रति सेकेंड की रफ्तार से 300 फीट की चट्टान मुंबई में गिर सकती है, जो पूरे शहर को खत्म कर सकता है। इसका मंजर कैसा दिखेगा, वो भी एनिमेशन यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के साइंटिस्ट डॉ. डेविड रैंकिन ने बता दिया है।

घूम रहा है एस्टेरॉयड

वैज्ञानिकों द्वारा YR4 एस्टेरॉयड गिरने का जो रास्ता कैलकुलेट किया गया है, उसमें भारत के मुंबई और कोलकाता जैसे घनी आबादी वाले शहर भी आएंगे। NASA की स्टडी में पता चला है कि 22 दिसंबर 2032 को हमारे ग्रह यानी पृथ्वी से एस्टेरॉयड टकरा सकता है। वैज्ञानिक इसे लगातार ट्रैक कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि 2024 YR4 एस्टेरॉयड स्थिर नहीं है बल्कि लगातार घूम रहा है।

होगा स्थानीय विनाश

वैज्ञानिकों का कहना है कि दिसंबर 2028 में यह पृथ्वी के करीब से गुजरेगा। उस समय इसकी दूरी पृथ्वी से करीब 80 लाख किलोमीटर होगी। तब वैज्ञानिक इसके साइज और ऑर्बिट के बारे में कुछ और अहम जानकारियां हासिल करेंगे। एस्टेरॉयड को सिटी किलर कहा जा रहा है। अगर यह मुंबई में गिरता है तो स्थानीय विनाश लाएगा। कितनी बड़ी तबाही आएगी वह इसके स्पीड पर निर्भर करेगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह पहले हवा में तेज विस्फोट करेगा। इससे मुंबई जैसा बड़ा शहर तबाह हो सकता है।

परमाणु बम से भी ज्यादा ताकतवर

बताया जा रहा है कि धरती पर टकराते समय यह 8 मेगाटन TNT का फोर्स पैदा कर सकता है। यह जापान के हिरोशिमा पर गिरे परमाणु बम से कई गुना ज्यादा ताकतवर रहेगा। बता दें कि हिरोशिमा विस्फोट में 66 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। साल 1908 में इसी साइज का एस्टेरॉयड साइबेरियन जंगलों से टकराया था तो 1287 किमी का इलाका पूरी तरह तबाह हो गया था।

 

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