नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार के दौरान अतीक अहमद की दबंगई चरम पर थी। वह खुद को कानून से ऊपर समझता था और बेखौफ होकर अपराध करता था। कई लोग मानते हैं कि मुलायम सिंह यादव ने अतीक अहमद को खुली छूट दे रखी थी, जिसके चलते वह अपराध की दुनिया में बेलगाम हो गया था। मुलायम सिंह ने ही अतीक अहमद को फूलपुर से सांसद बनाया था, और कहा जाता है कि उनके कार्यकाल के दौरान अतीक के कई अपराधों को दबा दिया गया था। लेकिन समय के साथ उसके अपराधों का काला साम्राज्य उजागर होने लगा।
हाल ही में हुए एक पॉडकास्ट में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक मनोज राजन त्रिपाठी ने अतीक अहमद की भूमि कब्जाने की आपराधिक रणनीति के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि अतीक अहमद बड़ा जमीन माफिया था, जिसने कई बेगुनाहों की जमीनें हड़प लीं। उन्होंने एक घटना का जिक्र किया जिसमें एक गरीब मां-बेटे की जमीन पर कब्जा करने के लिए अतीक ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। जब उस परिवार ने अपनी जमीन देने से इनकार किया, तो अतीक ने जनरेटर मंगवाकर बेटे को करंट लगवाकर मार दिया और उनकी पूरी संपत्ति पर कब्जा कर लिया।
अतीक अहमद की दबंगई इस हद तक पहुंच चुकी थी कि वह सिर्फ आम आदमी की संपत्ति ही नहीं, बल्कि बड़ी-बड़ी हस्तियों के रिश्तेदारों की जमीन हड़पने से भी पीछे नहीं हटता था। मनोज राजन त्रिपाठी ने आगे कहा कि अतीक सोनिया गांधी के एक करीबी रिश्तेदार की संपत्ति पर भी कब्जा करना चाहता था, जबकि उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी सत्ता में थी। अतीक का कहना था कि मुलायम सिंह यादव से बड़ा कोई नेता नहीं है, लेकिन अंत में, सोनिया गांधी के रिश्तेदार होने के कारण उसने उस जमीन से अपनी नजर हटा ली.
अगर अतीक जैसा अपराधी सत्ता के करीब रहकर प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों की जमीनों पर कब्जा करने से नहीं चूक रहा था, तो आम जनता के लिए स्थिति और भी भयावह रही होगी। आम लोगों के लिए वह खौफ का मंजर बन चुका था, जिसके आगे किसी की भी सुनवाई नहीं होती थी। लेकिन अतीक अहमद के हत्याकांड और उसके बेटे असद के एनकाउंटर के बाद धीरे-धीरे उसके अपराधों से पर्दा उठ रहा है और न्याय की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। योगी सरकार ने अतीक की कई अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चला दिया है। लेकिन यह देश का दुर्भाग्य ही है कि यही अतीक अहमद चार बार विधायक और एक बार सांसद रह चुका है।