अमृतसर. इस साल दशहरे के मौके पर अमृतसर में कार्यक्रम के बीच ट्रेन की चपेट में आने से हुई 61 लोगों की मौत को लेकर जारी जांच में नया खुलासा हुआ है. जानकारी है कि इसके लिए पहले से कोई अनुमति नहीं ली गई थीं. इसी कारण किसी सुरक्षा का ख्याल नहीं रखा गया. जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट के आने के बाद से पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को इस पूरे मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं. बता दें कि दशहरे के दिन रेलवे लाइन के पास रामलीला देखने आए लोगों को ट्रेन ने कुचल दिया था. तेज आई ट्रेन न महज 32 सेकंड में 61 लोगों की जान ले ली थी.
पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच में क्लीन चिट दे दी गई है. दरअसल वह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थीं जहां ये दुर्घटना हुई थी. सूत्रों के अनुसार इस दुर्घटना की जांच के लिए सरकार द्वारा विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए जालंधर संभागीय कमीशनर बी पुरुषार्थ ने इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले कांग्रेस पार्षद के बेटे के साथ ही अमृतसर जिला प्रशासन, रेलवे, नगर निगम और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों पर आरोप लगाया.
इस साल 19 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर अमृतसर में जोड़ा फाटक के पास लोगों की भीड़ रावण दहन देख रही थी. तभी वहां से गुजरी ट्रेन ने रेलवे लाइन पर खड़े लोगों को रौंद दिया.
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