नई दिल्ली: आज हम आपके सामने एक ऐसा मुद्दा लेकर सामने आए हैं. पिछले कुछ दिनों में आपने देखा होगा चीन खुलकर पाकिस्तान का साथ दे रहा है. OBOR में उसने भारत के विरोध को नजरअंदाज किया.
मसूद अजहर जैसे आतंकी का समर्थन हो या सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का विरोध. चीन हर मोर्चे पर पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखा. लेकिन ये वो चीजें हैं. कुछ चीजें ऐसी हैं जो दिखती नहीं. क्योंकि वो साजिश की तरह है. वो ये है कि हाल के दिनों में चीन के फाइटर जेट्स ने भारत से लगी सीमाओं पर हवाई पट्रोलिंग बढ़ा दी है.
चीन ने स्टील्थ तकनीक वाले कुछ जहाज अपने इलाके में छिपा कर रखे हैं. सवाल ये है कि हिन्दुस्तान क्या कर रहा है ? जवाब है कि हिन्दुस्तान भी पूरी तैयारी में जुटा है ? इसी के लिए आपको अपनी टेलीविजन स्क्रीन पर ये लिखा हुआ दिख रहा होगा कि ‘राफलेन्द्र बाहुबली’. यही है हिन्दुस्तान का ‘राफलेन्द्र बाहुबली’.
जिसकी तैनाती हिन्दुस्तान वहां करने जा रहा है जहां से पाकिस्तान और चीन पर सीधी नजर रखी जाएगी. बॉर्डर पर जरूरत के मुताबिक अब हिन्दुस्तान हवाई पट्रोलिंग भी कर सकता है.
आपको याद होगा पिछले साल हिन्दुस्तान ने अपनी हवाई ताकत में नई जान फूंकने के लिए फ्रांस के साथ उस राफेल लड़ाकू विमानों की डील की थी. जो दुनिया के आधुनिक हवाई लड़ाकों में टॉप पर है. लेकिन हाल के दिनों में चीन-पाकिस्तान के बढ़ते नापाक गठजोड़ और मिलीजुली साजिश को जवाब देने के लिए भारत ने राफेल की तैनाती को लेकर बड़ा फैसला किया है.