मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में परिवर्तन रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के चलते जन-धन अकाउंट में आए पैसों पर बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि इन खातों में जो पैसा आया है वह गरीबों का होगा. मोदी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि जिसने गरीब के खाते में पैसे डाले हैं वह बचेगा नहीं, जेल जाना होगा.
‘मैं तो ठहरा फकीर’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के लगातार हमले पर कहा कि बेईमान लोग गरीबों के घर पर कतार लगाए हैं. कोने-कोने से लोगों के यहां नोट निकलते थे, अब वे गरीबों के पैर पकड़ते हैं, कि मेरा कुछ रुपया अपने खाते में डाल लो. अगर इस देश के गरीब को ताकत दी जाए तो गरीबी खत्म हो जाएगी. मैं आपके लिए लड़ाई लड़ रहा हूं. ज्यादा से ज्यादा मेरा क्या कर लेंगे. हम तो फकीर आदमी हैं. झोला लेकर चल पड़ेंगे.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि क्या मेरा यही गुनाह है कि भ्रष्टाचारियों के दिन बुरे होते जा रहे हैं, भ्रष्टाचार दूर करने के लिए कानून की मदद लेनी पड़ेगी और भ्रष्टाचारियों को किनारे लगाना पड़ेगा. आप के लिए काम करने वाली सरकार भारतीय जनता पार्टी ही हो सकती है. 10 साल के भीतर बीजेपी के शासन में मध्य प्रदेश बीमारू राज्य से मुक्त हो गया है. सरकारें घोषणाएं करने के लिए नहीं होती हैं, बल्कि योजनाएं बनाकर उनको लागू करने के लिए होती हैं. हमें जहां मौका मिलता है, विकास पर बल देते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि जिस मुरादाबाद ने मुझे इतना प्यार दिया, वहीं पहुंचने में देरी हुई. मैं 2014 में नहीं आ पाया था. पीएम मोदी ने कहा कि मैंने लालकिले से संकल्प लिया है कि 1000 दिन में 18000 गांवों में बिजली पहुंचाकर रहूंगा. अभी आधे दिन हुए हैं और बहुत सारा काम पूरा हो चुका है. जनता जनार्दन ही मेरा हाई कमान है.
उन्होंने कहा कि जो कुछ हैं आप लोग ही हैं. मुझे पता चला 18,000 गांव ऐसे हैं जहां बिजली का खंभा नहीं पहुंचा. मैंने लालकिले से घोषणा की और इंसाफ दिया. गांव के लोग ऊंची आवाज से बोल भी नहीं पाए. राजनेता उनको दबोच कर बैठ गए थे. इन गांवों से किसी ने मुझे चिट्ठी नहीं लिखी.
‘विकास हमारी प्राथमिकता’
पीएम मोदी ने जो मुरादाबाद अपने पीतल से हर घर में में चमक ला सकता है, वहां 1000 गांवों में बिजली नहीं थी. अगर विकास होगा तो रहने को घर मिलेगा, बिजली मिलेगी, मां बहनों की जिंदगी में बदलाव आएगा. इसलिए विकास हमारी प्राथमिकता है. मैंने उत्तर प्रदेश में चुनाव सिर्फ सांसद बनने के लिए नहीं लड़ा, बल्कि गरीबी से लड़ने और सेवा करने के लिए लड़ा था. हिंदुस्तान से अगर गरीबी को मिटाना है तो पहले बड़े राज्यों से गरीबी को हटाना चाहिए.