• होम
  • खबर जरा हटकर
  • ये है भारत का शापित गांव, गेट पर ताला मार गायब हो जाते हैं लोग, नहीं जलता इस दिन किसी भी घर में चूल्हा

ये है भारत का शापित गांव, गेट पर ताला मार गायब हो जाते हैं लोग, नहीं जलता इस दिन किसी भी घर में चूल्हा

आन्ध्र प्रदेश राज्य के अनंतपुर में ताडिपत्रि मंडल में मौजूद तलारी चेरुवु गांव को भारत का शापित गांव माना जाता है। इस गांव के घरों, मंदिरों और स्कूलों में लोग ताला जाल कर गायब हो जाते हैं। ऐसा वह एक प्रथा के चलते करते हैं। इस गांव में लोग ताला लगाकर कहीं और चले जाते हैं।

cursed village
inkhbar News
  • February 13, 2025 4:01 pm Asia/KolkataIST, Updated 2 months ago

नई दिल्ली: आपने अक्सर कई ऐसे किस्से कहानियां सुनी होंगी जिसमें कुछ लोग किसी जगह को शापित बताते हैं। परंतु क्या आपने कभी सोचा है कि असल जिंदगी में अगर ये कहानी सच हो जाए तो क्या होगा? आपको बता दें कि भारत में एक गांव ऐसा है, जो इन कहानियों की तरह ही शापित है। जानकारी के अनुसार भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के अनंतपुर के एक गांव में लोग साल में एक दिन अपने-अपने घरों मे ताला लगाकर चले जाते हैं। लोगों का ऐसा मानना है कि यह गांव शापित है।

गांव में रहना अपशकुन है

जानकारी के अनुसार आन्ध्र प्रदेश राज्य के अनंतपुर में ताडिपत्रि मंडल में मौजूद तलारी चेरुवु गांव को भारत का शापित गांव माना जाता है। इस गांव के घरों, मंदिरों और स्कूलों में लोग ताला जाल कर गायब हो जाते हैं। ऐसा वह एक प्रथा के चलते करते हैं। इस गांव में लोग ताला लगाकर कहीं और चले जाते हैं। गांव वालों का मानना है कि इस दिन गांव में रहना अपशकुन है। कोई एक घर भी गांव में ऐसा नहीं रहता, जिस पर उस एक दिन ताला नहीं बंद नहीं किया जाता है।

ब्राह्मण को मार डाला

गांव की इस प्रथा का नाम अग्गीपाडु है। सैकड़ों सालों से लोग इस प्रथा का पालन करते आ रहे हैं। ऐसा कहा जाता है कि कई साल पहले इस गांव में तलारी चेरुवे गांव के एक ब्राह्मण को कुछ लोगों वे फसल चुराने का आरोप लगाकर पीट-पीटकर मार डाला था। इसके बाद से लोगों का ऐसा मानना है कि इसी ब्राह्मण का श्राप गांव में अकाल और पोलियों का कारण बन रहा है। इससे बचने के लिए गांव के सभी लोग एक ऋषि के पास गए और समाधान मांगा। गांव वालों ने बताया कि गांव में पैदा होने वाले बच्चे पैदा होते ही मर रहे हैं। इसके बाद ऋषि ने उन्हें इस श्राप से मुक्ति पाने के लिए एक उपाय बताया। स्वामी जी ने गांव वालों को सलाह दी कि वह हर साल माघ पूर्णिमा के दिन गांव में दिया या चूल्हा न जलाएं।

हाजीवाली दरगाह पर जाएं

इस समस्या से समाधान के लिए ऋषि ने यह भी बताया कि सभी गांव के लोग अपने बच्चों और पशुओं को गांव के बाहर स्थित हाजीवाली दरगाह पर ले जाएं। इस गांव के सभी लोग उस दिन से लेकर आज तक माघ पूर्णिमा के दिन अपने घरों और बाकी जगह पर ताला डाल कर कहीं चले जाते हैं। इसके बाद शाम को घर लौट आते हैं। इस गांव में सालों से लोग इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं। गांव में घर में प्रवेश करते समय हर व्यक्ति अपने दरवाजे पर नारियल पटकता है और वह इसी वजह से ताला बंद करके चले जाते हैं।

Also Read…

ऋषभ पंत को जीवनदान देने वाले शख्स ने चुनी मौत, प्रेमिका के बाद खुद भी खाया जहर, गर्लफ्रेंड की गई जान