नई दिल्ली. अर्थशास्त्र एक ऐसे विषय है जिसकी उपयोगिता लगभग हर क्षेत्र में होती है. इसमें वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन, वितरण, विनिमय और उपभोग का अध्ययन किया जाता है. इस विषय में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए अर्थशास्त्र से बीए (ऑनर्स) कोर्स कर सकते है. देश के कई विश्वविद्यालयों में ये तमाम कोर्स कराये जाते हैं.औद्योगिक इकाइयों, बैंकिंग सेक्टर, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन, कॉमर्स, टैक्सेशन, इंटरनेशनल ट्रेड, एक्चुरियल साइंस तमाम क्षेत्रों में छात्रों को रोजगार के अवसर देते हैं. एनालिटिकल एंड एप्लाइड इकोनॉमिक्स, बिजनेस इकोनॉमिक्स, कॉर्पोरेशन एंड एप्लाइड इकोनॉमिक्स, इकोनॉमेट्रिक्स, इंडियन इकोनॉमिक्स,एन्वायर्नमेंटल इकोनॉमिक्स, बैंकिंग इकोनॉमिक्स में से कोई एक विकल्प चुनकर बेहतर करियर बना सकते हैं.
इकोमेट्रिकस
इकोमोट्रिक्स गणित, सांख्यिकी और अर्थशास्त्र का मिलाजुला रूप है. इस में किसी भी प्रोडक्ट की भविष्य में क्या मांग रहेगी, इसका आकलन किया जाता है. और यह आकलन इकॉनोमिक्स के एक्सपर्ट ही कर सकते हैं. बाजारीकरण के दौर में विशेषज्ञों की काफी जरूरत रहती है, जो प्रोडक्ट का बाजार के हिसाब से आकलन करते हैं.
पर्यावरणीय अर्थशास्त्र
इस क्षेत्र में छात्रों को वायु प्रदूषण, पानी की गुणवत्ता, ग्लोबल वार्मिंग, जहरीला पदार्थ और वेस्ट प्रोडक्ट्स के बारे में पढ़ाया जाता है. स्नातक छात्रों को विशिष्ट करियर के रूप में भारत की इंडियन इकोनॉमिक्स सर्विस में जाने का मौका भी मिल सकता है. इसमें प्रत्याशियों के चयन के लिए अखिल भारतीय स्तर पर यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कराती है। इस परीक्षा में अर्थशास्त्र/स्टैटिस्टिक्स विषय में कम से कम मास्टर्स डिग्रीधारक युवा ही शामिल हो सकते हैं।
रिसर्च और बैंकिंग
जिन छात्रों की अर्थशास्त्र में मजबूत पकड़ है, उन्हें बैंकिंग में काफी मौके मिल सकते हैं. इसके बाद छात्र रिसर्च आधारित कंपनियों में जॉब कर सकते हैं.
फॉरेन करंसी एक्सचेंज में भी आपको काम करने का मौका मिल कर सकता है.
बीमा क्षेत्र
अर्थशास्त्र के छात्र बीमा व बैंकिंग के क्षेत्र में भी आवेदन कर सकते हैं. इकॉनोमिक्स के ब्रिलिएंट छात्र इंडियन इकॉनोमिक्स सर्विसेज की भी तैयारी कर सकते हैं. ग्रेजुएशन करने के बाद बैकिंग, वित्त, बीमा और अन्य निजी सेक्टर में छात्र अपना करियर बना सकते हैं. इसके अलावा व्यापार से संबंधित विकल्प भी होते हैं. इसमें ऑनलाइन डाटा इंटरप्रिटेशन का काम करने का मौका मिलता है.
टीचिंग
कॉलेजों में असिस्टेंट प्रफेसर और प्रफेसर के तौर पर भी अपना करियर बना सकते हैं. इसके लिए कोई भी नेट और सेट एग्जाम में अपीयर हो सकता है।
बिजनेस पत्रकारिता और लॉ
अगर आपने की अर्थशास्त्र की पृष्ठभूमि है और साथ ही आपने लॉ की पढ़ाई भी कर रखी है, तो लॉ फर्म में भी आप अपना करियर बना सकते हैं. इसके अलावा इन दिनों बिजनेस पत्रकारिता का भी काफी चलन में है. व्यापार पर आधारित पत्र-पत्रिकाओं में अर्थशास्त्र की विशेषता रखने वाले छात्रों की काफी जरूरत रहती है.
अर्थशास्त्र और कानून
अगर आपने अर्थशास्त्र के साथ-साथ कानून की पढ़ाई भी कर रखी है तो लॉ फर्म में करियर बनाना आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. विदेशी मुद्रा बाजार में भी इस विषय के छात्रों की कीफी डिमांड है. जिन छात्रों की अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र पर पकड़ है, वे इसमें अपनी किस्मत आजमा सकते हैं. इसके अलावा जिन छात्रों की मौद्रिक अर्थशास्त्र में रूचि है, उन्हें बैकिंग में काफी प्रोत्साहन मिलता है.
यूपीएससी में कर सकते हैं आवेदन
यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन द्वारा इंडियन इकोनॉमिक/स्टेटिस्टिकल सर्विस एग्जाम परीक्षा का आयोजन कराया जाता है. इस परीक्षा के आधार पर विभिन्न मंत्रालयों में इकोनॉमिक प्लानिंग और इसी तरह के महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं.
डिसक्लेमर- ये लेख एक्सपर्ट की सलाह नहीं है. बस एक कोशिश है ये बताने की क्या विकल्प हैं. स्टुडेंट् अपने सबसे मजबूत पक्ष को खुद जानते हैं. इसलिए करियर या विषय चुनने में उस सबजेक्ट में रुचि और ताकत को ध्यान में रखकर स्वयं फैसला करें.