Kumkum Bhagya 24 April 2018 Full Episode Written Updates: प्रज्ञा और अभि दोनो ही सात साल बाद अपनी जिंदगी में काफी आगे बढ़ चुके हैं जहां एक तरफ प्रज्ञा की एक बेटी है वहीं अभि भी तन्नू से ना सिर्फ शादी कर लेता है बल्कि तन्नु के प्रति उसकी दिवानगी भी बिलकुल प्रज्ञा जैसी ही देखने मिल रही है. वही सारे घर में हंसी मजाक का वैसा ही माहौल है जैसा प्रज्ञा के वक्त था
9:00 कुमकुम भाग्य में 24 अप्रैल का शो शुरू होता है अभि और पूरब की हॉटनेस से जी हां ये दोनो नजर आते है किसी बड़ी पार्टी में शिरकत करते अभि को देखकर साफ लग रहा है कि वो प्रज्ञा की यादों से काफी आगे निकल चुका है पूरब आज भी अभि के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ा है. शायद प्रज्ञा भी यही चाहती अभि पैसो को लिये दूसरे सिलेब्स की तरह पब्लिक फिगर बना दिख रहा है
9.5 पूरब को अभि कहता है कि वो बहुत पैसा कमा दो चार बंगले और खरिदना चाहता है लेकिन पूरब उसे समझाता है कि वो पैसो के पिछे सकून खो रहा है. प्रज्ञा भी अपनी बेटी कियारा के साथ नजर आती है प्रज्ञा की प्यारी सी बेटी के साथ खेलती नजर आती है
9:10 अभि के घर में पार्टी की जोरशोर से तैयारी चल रही है और ये पार्टी किसी और की नही बल्कि अभि की शादी के सालगिरा की है. जोर शोर से लोग दुल्हन की बात कर रहें हैं कोई उसकी खूबसूरती की तो कोई उसकी सिरत की लेकिन ये पता नही चल रहा है कि आखिर अभि ने किससे शादी की.
9:15 अभि की भाभी अभि के कमरेसे उसकी बीवी को पार्टी में लाने के लिये तैयार करती है और इतना ही नही वो उस पर घूंघट डाल कर उसे दुल्हन कि तरह लाती है दासी अभि से केक काटने के लिये करती है लेकिन अभि कहता है कि वो पहले अपनी दुल्हन का घूंघट उठाएगा अभि धीरे धीरे जैसे ही घूंघट उठाता हैं अंदर तन्नु का चेहरा सामने आता है जिसे देख दर्शक हैरान हो जाते हैं.
9:20 केक काटकर जैसे ही अभि के तन्नु गले लगती है आलिया वहां आ जाती है और दोनो को साथ होने की खुशी जाहिर करती है लेकिन दासी मन ही मन प्रज्ञा को याद करती है और कहती है कि पता नही वो कहां होगी.
9:28 वहीं प्रज्ञा विदेश में अपने पति और बच्ची के साथ काफी खुश नजर आती है एक पल को तो लगता है कि जैसे प्रज्ञा अपनी पूरानी जिंदगी भूल चुकी है लेकिन ऐसा नही है प्रज्ञा की बेटी कियारा जैसे ही प्रज्ञा से कहती है कि वो उसे बिना चश्मे की वो अच्छी लगती है तो प्रज्ञा सोच में पड़ जाती है शायद प्रज्ञा को ये याद आया हो कि अभि को भी अपनी फुग्गी यानि प्रज्ञा बिना चश्में के ही अच्छी लगती थी.