नई दिल्ली: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में आम आदमी की जिंदगी जी रहे दो छोटे दुकानदारों को इनकम टैक्स विभाग की ओर से करोड़ों रुपये के बकाया का नोटिस भेजा गया है। मामला चौंकाने वाला इसलिए है क्योंकि इन दुकानदारों को इस बड़े वित्तीय लेनदेन की कोई जानकारी ही नहीं है।
मध्य प्रदेश के दमोह में रहने वाले प्रिंस सुमन, जो सड़क किनारे अंडे बेचते हैं, को आयकर विभाग ने 6 करोड़ रुपये का जीएसटी बकाया भरने का नोटिस भेजा है। विभाग के अनुसार, उनके नाम पर “प्रिंस एंटरप्राइजेज” नाम की कंपनी रजिस्टर्ड है, जो लकड़ी, चमड़ा और लोहे का व्यापार करती है। इस कंपनी का साल 2022 में दिल्ली के स्टेट जोन 3 के वार्ड 33 में पंजीकरण हुआ था और बीते दो वर्षों में 50 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया है। लेकिन प्रिंस सुमन खुद इस कंपनी से अनजान हैं और उनका कहना है कि उन्होंने कभी ऐसा कोई व्यापार नहीं किया।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ठेले पर जूस बेचने वाले मोहम्मद रहीस को भी आयकर विभाग ने नोटिस भेजा है, जिसमें 7.79 करोड़ रुपये के जीएसटी बकाए की मांग की गई है। रहीस ने बताया कि उन्हें इस नोटिस से गहरा झटका लगा है और उनका परिवार परेशान है। जब उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया, तो उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने दस्तावेज किसी को दिए थे। लेकिन रहीस ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी किसी को अपने कागजात नहीं सौंपे।
प्रिंस और रहीस जैसे आम आदमी को इतने बड़े वित्तीय घोटाले में फंसाने की घटना कई सवाल खड़े कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि फर्जीवाड़े के जरिए उनके नाम पर कंपनियां पंजीकृत कर बड़े लेनदेन किए गए हैं। अब ये देखना होगा कि आयकर विभाग इस मामले की गहराई तक जाकर असली गुनहगारों को पकड़ पाता है या नहीं!
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