नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को पहलवानों ने एक बार फिर धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। पहलवानों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे धरने से पीछे हटने वाले नहीं है। इस धरने में बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक के साथ ही देश के कई नामचीन पहलवान शामिल हैं।
उनका कहना है कि ढाई महीने बीत जाने के बाद भी कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच भारतीय ओलंपिक संघ ने भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनावों के लिए एक तदर्थ समिति बनाए जाने की घोषणा की है।
45 दिनों के भीतर हो चुनाव
बता दें, भारतीय ओलंपिक संघ ने भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनावों को 45 दिनों के भीतर कराने के अलावा WFI के दिन प्रतिदिन के मामलों का प्रबंधन करने के लिए एक समिति की गठन किया है। इससे पहले खेल मंत्रालय द्वारा अगले महीने WFI के अध्यक्ष के लिए होने वाले चुनावों को रद्द कर दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पहलवान
वहीं विनेश फोगट और सात अन्य पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बता दें, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक सहित सात महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बृजभूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
जनवरी में भी दिया था धरना
बता दें कि इससे पहले जनवरी महीने में भी पहलवानों ने कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था। 18 जनवरी 2023 को कुश्ती महासंघ और पहलवानों के बीच ये विवाद सबके सामने आया था, जब जंतर-मंतर पर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया समेत कई दिग्गज पहलवान जुटे थे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ऊपर यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे और उन्हें पद से हटाने की मांग की थी। खेल मंत्रालय द्वारा जांच कमेटी गठित किए जाने के बाद उन्होंने अपना धरना खत्म किया था।