एक जुलाई, 2016 को तब भारत से भाग गया था जब पड़ोसी देश बांग्लादेश में आतंकवादियों ने दावा किया कि वे जेहाद शुरू करने को लेकर उसके भाषणों से प्रेरित हुए थे. नौजवानों को अपने भाषण के सहारे जेहाद की ओर ले जाने के आरोपों से घिरे जाकिर नाइक की संस्था पर अवैध तौर पर धर्मांतरण कराने के भी आरोप हैं.
अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक स्कूल में भड़काऊ भाषण देने के आरोपों में घिरे जाकिर नाईक को इस्लामिक हीरो बताकर पढ़ाए जाने का मामला सामने आया है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने जांच के आदेश दिये हैं. दरअसल शहर के इस्लामिक मिशन स्कूल में बच्चों को ‘इल्म-उन-नफे’ नाम की किताब दी गई है. इस किताब के पेज नंबर 42 में इस्लाम के हीरो दिए गए हैं जिसमें नौ लोगों के फोटो हैं. इनमें एक फोटो जाकिर नाईक का भी है.
‘इल्म-उन-नफे’ किताब बांटने वाला इस्लामिक मिशन स्कूल क्वार्सी थाना इलाके के नगला पटवारी में है. किताब में नाम नीचे देकर उन्हें पहचानने को कहा गया है. नौ लोगों की फोटो में तीसरी वाली लाइन में डॉ जाकिर नाईक का फोटो भी है. उसको पहचानने को कहा गया है. यह मामला सामने आने के बाद एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बीएसए को जांच के आदेश दिए हैं.
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एडीएम सिटी ने कहा कि डॉ. जाकिर नाईक को बतौर हीरो पढ़ाया जा रहा है जोकि देश विरोधी गतिविधि में आती है. स्कूल को नोटिस देने के बाद मान्यता समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी. वहीं मामले पर स्कूल प्रबंधक ने कहा कि दो साल पहले यह किताब छापी गई थी. उस वक्त जाकिर नाईक पर कोई मामला नहीं था. अब नई पुस्तक जल्द ही छपकर आ जाएगी.
बता दें कि इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप हैं. जाकिर नाईक एक जुलाई, 2016 को तब भारत से भाग गया था जब पड़ोसी देश बांग्लादेश में आतंकवादियों ने दावा किया कि वे जेहाद शुरू करने को लेकर उसके भाषणों से प्रेरित हुए थे. इसके बाद जाकिर नाईक के खिलाफ कई मामले चल रहे हैं.
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मैं बेकसूर हूं, एक दिन एजेंसियां मुझे आरोप मुक्त कर देंगीः जाकिर नाईक